ये अघोषित आपातकाल नहीं तो और क्या है? क्या कुछ सच्चे पत्रकारों से डर गयी मोदी सरकार !!

मोदी सरकार की ना​कामियों और जनता से किए झूठे वादों का सच उजागर करने वाले देश के सबसे सशक्त पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने आज एबीपी चैनल छोड़ दिया है जनज्वार से बातचीत में पुण्य प्रसून ने अपने इस्तीफे की बात को स्वीकार किया है मोदी सरकार की नाकामियों का सबसे बुलंद झंडा फहराने वाले टीवी चैनल कार्यक्रम ‘मास्टर स्ट्रोक’ पर सरकार और उसका तंत्र हावी हो गया और आज से वह कार्यक्रम एबीपी पर नहीं दिखेगा।

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पत्रकार स्वाति चतु​र्वेदी ने ट्वीट कर बताया है कि मास्टर स्ट्रोक के सूत्रधार और एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने एबीपी चैनल आज छोड़ दिया है। इससे ठीक एक दिन पहले चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने चैनल को अलविदा कह दिया था। माना जा रहा है कि दोनों पत्रकारों की चैनल से विदाई मास्टर स्ट्रोक के कारण ही हुई है।

पिछले कुछ दिन से रात 9 से 10 के बीच आने वाले ‘मास्टर स्ट्रोक’ को लेकर लगातार विवाद जारी था। मास्टर स्ट्रोक में उठाए जाने वाले मसलों में धार और तथ्य इस कदर मारक थे कि सरकार के बड़े—बड़े प्रचार और फर्जी विज्ञापन से सरकारी योजनाओं की चकाचौंध द्वारा लोगों को मूर्ख बनाने के सारे तौर—तरीके फेल होते जा रहे थे। प्रचार और बात बनाने में माहिर प्रधानमंत्री के बड़ा खतरा तब हो गया, जब पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने कार्यक्रम में सीधे प्रधानमंत्री की कही बातों को पर्याप्त तथ्यों और तर्क के साथ झूठा, फर्जी और फरेबी साबित किया।

इसी वजह से मास्टर स्ट्रोक के समय एबीपी चैनल में तरह-तरह की समस्याएं आने लगी थीं। और वह पिछले 20 दिनों से ठीक से दिखता नहीं था। जाहिर है न सिर्फ सरकार बल्कि मोदी स्वयं एक प्रधानमंत्री के तौर पर मीडिया का मुंह बंद करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं और तानाशाहीपूर्ण रास्ते अख्तिार कर रहे हैं।जहां मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी मास्टर स्ट्रोक के कारण चैनल छोड़ चुके हैं वहीं मोदी की नीतियों की सच्चाई का खुलासा करने वाले एबीपी के दूसरे पत्रकार अभिसार शर्मा को चैनल ने 15 दिन की छुट्टी दे दी है।

जनज्वार ने पुण्य प्रसून बाजपेयी से इस संदर्भ में सीधे बातचीत की, तो पुण्य प्रसून ने कहा कि हां उन्होंने अपना इस्तीफा चैनल को सौंप दिया है। इससे पहले भी जनज्वार से एक बातचीत में उन्होंने साफ—साफ कहा था कि मास्टर स्ट्रोक को लेकर सरकार का दबाव बहुत ज्यादा है।चैनल के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुण्य प्रसून बाजपेयी को चैनल छोड़ने का यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चैनल प्रबंधन आज से ‘मास्टर स्ट्रोक’ कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा कर चुका था।

बड़ी बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की एक महिला चंद्रमणि कौशिक और उसके समूह द्वारा कमाई को लेकर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जो दावे किए थे, उसकी सच्चाई दिखाकर पुण्य प्रसून ने साबित किया था कि प्रधानमंत्री देश के सामने लाइव झूठ बोलते हैं। इस कार्यक्रम से न​ केवल भाजपा, संघ और सरकार नाराज थे, बल्कि प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी गुस्सा दिखाया था।

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