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Jeet Garg Quotes

तू क्या साथ देगी जब वक़्त साथ नही दे रहा मेरा।

Jeet Garg Quotes

चल रहा हूँ सच के रास्ते पर  पता है जबकी ये दुनिया झूठी है

Jeet Garg Quotes

ख़्वाहींशों की हसरत में हौंसलो के पथ पर हुँ मेहनतों के रथ पर हुँ कामयाबी देखेंगे तुझे तू दूर मुझसे कब तक है

तेरी याद

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वो यादें स्फूर्त-ए-खाक हो रही हैं  जो कभी सोने नही देती थी। जीत गर्ग

काश इन्साफ का तराजू भी डिजिटल होता ? मारे गए किसानों को मुआवजा नहीं उनका हक़ मिला होता

काश इन्साफ का तराजू भी डिजिटल होता ? मारे गए किसानों को मुआवजा नहीं उनका हक़ मिला होता । काश इन्साफ का तराजू भी डिजिटल होता ? मारे गए किसानों को मुआवजा नहीं उनका हक़ मिलता। — Jeet Garg (@jitendergarg735) June 7, 2017

कोई कहता है हिन्दू मर रहा है कोई कहता है मुस्लमान मर रहा है। ना हिन्दू ना मुस्लिम मैं कहता हूँ मेरा हिन्दुस्तान मर रहा है।

कोई कहता है हिन्दू मर रहा है कोई कहता है मुस्लमान मर रहा है।  ना हिन्दू ना मुस्लिम मैं कहता हूँ मेरा हिन्दुस्तान मर रहा है। 

मेरे आज से मेरी हैसियत मत आँक। मेरा समय आएगा और सब बदल जायेगा।

मेरे आज से मेरी हैसियत मत आँक। मेरा समय आएगा और सब बदल जायेगा।  

ऊंचाइयां इतनी भी न मिले इंसान को ,कि उसकी इसांनियत गिर जाये।

ऊंचाइयां इतनी भी  न मिले इंसान को , कि उसकी इसांनियत गिर जाये। 

मैं सोचता रहा उसे रात भर,वो नींद हो गयी कि आती ही नही।

मैं सोचता रहा उसे रात भर,वो नींद हो गयी कि आती ही नही।

जिसकी किस्मत में माँ बाप की सेवा का सुख नही , अक्सर वो लोग कुत्ते पाला करते है।

जिसकी किस्मत में माँ बाप की सेवा का सुख नही , अक्सर वो लोग कुत्ते पाला करते है।

मत बांटो इंसान को इंसान ही रहने दो, न हिन्दू न मुसलमान हमे धर्मों से अनजान ही रहने दो

मत बांटो इंसान को इंसान ही रहने दो, न हिन्दू न मुसलमान हमे धर्मों से अंजान  ही रहने दो

शहर हो गए तबाह इसी मतभेद में।कोई हिन्दू तो ,कोई मुसलमान और रंगभेद में

शहर हो गए तबाह इसी  मतभेद में।कोई हिन्दू तो ,कोई मुसलमान और रंगभेद में 

हिन्दू मर रहा है या मुसलमान मर रहा है मुझे इतना पता है इंसान मर रहा है

हिन्दू मर रहा है या मुसलमान मर रहा है मुझे इतना पता है इंसान मर रहा है

शहर जल रहे थे दंगे भड़क रहे थे, रोये वो जिनके अपने मरे, नेता तो राजनैतिक रोटियां सेक रहे थे।

शहर जल रहे थे दंगे भड़क रहे थे,  रोये वो जिनके अपने मरे, नेता तो राजनैतिक रोटियां सेक रहे थे। #दंगे ,हिंसा,मारपीट

काश इंसाफ का तराजू भी आज डिजिटल हुआ होता

काश इंसाफ का तराजू भी आज डिजिटल हुआ होता। तो यूं सरेआम इंसानियत का कत्ल न हुआ होता। #दंगे ,हिंसा,मारपीट 

उस बलूचिस्तान का क्या हुआ जो साहेब ने लाल किले से चिल्ला चिल्ला कर कहा था।

उस बलूचिस्तान का क्या हुआ जो साहेब ने लाल किले से चिल्ला चिल्ला कर कहा था।

सोचता हूं किसी दिन भगवान से मुलाकात हो जाये।हिंदी अंग्रेजी उर्दू किसी मे तो बात हो जाये।

सोचता हूं किसी दिन भगवान से मुलाकात हो जाये।हिंदी अंग्रेजी उर्दू किसी मे तो बात हो जाये। #इंसान से भेदभाव 

गये थे भगवान् के दर , कुछ मांगने, लेकिन वँहा तो लोग, भगवान् के दर्शन तक खरीद रहे थे।

मेरी 100 खूबियों पे भारी , मेरी अब तक की नाकामी

आज आदमी इतना व्यस्त हो गया, भगवान भी सिर्फ दिनों का होके रह गया। #हनुमान जयंती

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