‘सुहागरात में सफेद तौलिया दिया, ताकि साबित करूँ कि मैं ‘कुंवारी’ हूँ’, पढ़िए DU की लड़की की आपबीती

दिल्ली यूनिवर्सिटी की पढ़ी-लिखी लड़की जिसने जर्मन भाषा में बीए और एमए दिल्ली यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी से किया हो उस लड़की के साथ  शादी के बाद सुहागरात के समय ऐसा बर्ताव, सोचकर भी शर्म आती है कि समाज किस दिशा में जा रहा है।
शादी के बाद अपना अनुभव शेयर करते हुए पीड़ित युवती कहती हैं कि “जब मेरी शादी होती है तो मेरी पढ़ाई-लिखाई की कोई कीमत नहीं रह जाती और मुझे केवल एक औरत होने के तौर पर देखा जाता है। कहा सुहागरात को सफेद तौलिये पर मुझे अपनी Virginity test देना पड़ा।

वो कहती हैं कि, “आप सबको मेरी कहानी बताने का मकसद यही है कि आप जान सकें कि एक उच्च-शिक्षित लड़की के साथ भी शादी के बाद क्या-क्या हो सकता है? लड़कियाँ माँ-बाप की खुशी और समाज के डर से चुप रह जाती हैं, लेकिन मैंने चुप रहना ठीक नहीं समझा।” अपनी शादी के बारे में बताते हुए कहती हैं कि “मेरी शादी 17 फरवरी 2016 में हुई। पहली रात को ही मेरी सास ने मुझे एक सफेद तौलिया दिया ताकि मैं साबित कर सकूँ कि मैं ‘Virgin’ हूँ। एक आधुनिक ख्यालों की होने और उच्च शिक्षित होने के कारण मेरे लिये उनका यह व्यवहार हैरान करने वाला था। क्या सिर्फ औरत का वर्जिन होना जरुरी है, मर्द का नहीं?”

पीड़िता आगे कहतीं है कि “जब हम हनीमून पर निकल रहे थे तो मेरी सास ने मुझे फिर एक सफेद तौलिया देते हुये यह आदेश दिया कि सेक्स के बाद वे इस तौलिये को उन्हें वापस कर दें। हनीमून से जब लौट कर आई तो मेरे हाथ में 2 हजार रुपए रख दिये गये और कहा कि यदि मुझे सेनेटरी नैपकिन खरीदना हो या फोन-रिचार्ज करना हो तो केवल वे ही मेरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करेंगी। यह सब देखकर मैं ‘शॉक्ड’ थी। मैंने अपने पति से सवाल किया कि क्या यही शादी है? वे कुछ नहीं बोले।

“मेरी मानसिक-प्रताड़ना का दौर शुरु हो गया था। मेरे सास-ससुर का न केवल मेरे प्रति व्यवहार खराब था बल्कि सेक्सुअल-एब्यूज भी होने लगा। मेरे पति को कहा जाने लगा कि वो सेक्स  के दौरान कंडोम्स न इस्तेमाल करे। मेरी सास मेरी पैंटी चेक करके देखती कि मेरा पीरियड हुआ है या नहीं? कुल मिलाकर हमारा सेक्स भी उनके निर्देश पर हो रहा था।
फिर वो आगे कहतीं हैं कि “सास ने मुझे गुरु राम रहीम के नाम पर जाप करने को कहा। मैंने ऐसा करने से मना कर दिया। इस बीच मैंने गुरुग्राम के एक स्कूल में जर्मन पढ़ाना शुरु कर दिया।18 मई को मेरे पति ने मुझसे मेरी पूरी सैलरी मांगी और अपने घरवालों के सामने मुझ पर हाथ उठाया। वे मुझे जल्दी से जल्दी बच्चा पैदा करने की जिद कर रहे थे। अबतक मैं डिप्रेशन में जाने लगी थी। मैं अपने माँ-बाप के पास रहने आ गई।”

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