गुजरात चुनावः सड़क से लेकर संसद तक बैकफुट पर दिख रही हैं मोदी सरकार, ये रहे पुरे 9 सबुत पूरा पढ़े-Rajneeti Bharat

गुजरात चुनाव मोदी सरकार के लिए नाक का सवाल है क्योकि जिस गुजरात के रास्ते से वो प्रधानमंत्री तक की कुर्सी पर विराजमान हुए आज उसी गुजरात की डगर मुश्किल नज़र आ रही है।

आज गुजरात चुनाव मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है जिस गुजरात के मॉडल को लेकर वो पुरे देश में घूमे आज उसी गुजरात मॉडल का वो नाम तक नहीं ले पा रहे।

पिछले 22 सालों से गुजरात में भाजपा का ही शासन है लेकिन आज भी मरते किसान ,दलितों पर बढ़ता अत्याचार ,महंगाई , बेरोजगारी , भरस्टाचार , गिरते व्यापार और गिरती शिक्षा व्यवस्था मुख्य कारण बने हुए हैं
जिन मुद्दों को आज बीजेपी छूना भी चाहती क्योकि पिछले 22 सालों से गुजरात में भाजपा का ही शासन है।

जब केंद्र में मोदी सरकार की विफलताओं को गिनाते हैं तो कुछ लोग आपको कहते मिल जायेंगे कि पाँच साल बहुत कम होते हैं विकास के लिए ,लेकिन क्या गुजरात ,मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्या आज क्वोटो और लंदन बन गए हैं जबकि इन राज्यों में बीजेपी ने 15 साल से ज्यादा ही राज़ किया है !!

अपने ही प्रदेश में आज मोदी जी को विरोध का सामना करना पड़ रहा है  पटेल समाज  हार्दिक पटेल उनकी खिलाफत में लगे हुए हैं।
विकास के मुद्दों से चुनाव को भटककर आज बीजेपी ने कांग्रेस को बैठे बिठाये ही बहुत बड़ा मुद्दा दे दिया है

समझे वो 9 सबूत जिससे मोदी सरकार बैकफुट पर नज़र आ रही है 

पहला सबुत- गुजरात चुनावों की घोषणा में देरी

गुजरात चुनावों की घोषणा देरी से की गई जबकि वोटों की गिनती की तारीख पहले से निश्चित कर दी गई थी इससे कुछ तो संदेह होता है कि आखिर क्या मजबूरियाँ रही होंगी जिसके कारण  चुनावों की घोषणा में देरी हुई !ऐसा पहली बार देखने को मिला जब काउंटिंग की तारीख निश्चित हो गयी हो लेकिन चुनावों का कुछ पता न हो !!

दूसरा सबुत- भ्रस्टाचार पर चुप्पी 
भ्रस्टाचार के मुद्दे पर बनी सरकार आज भ्रस्टाचार पर टालमटोल करती नज़र आ रही है !! अभी-अभी जय शाह पर 16000 गुना सम्पति बढ़ने के आरोपों पर भी मोदी जी ने अभी तक कुछ नहीं बोला  जो गुजरात चुनाव में बड़ा मुद्दा साबित हो सकता है !!

तीसरा सबुत- हार्दिक पटेल की कथित सेक्स सीडी का आना  
विकास के मुद्दे पर दम भरने वाली पार्टी आज किसी के निजी पलों को कैद करने पर उतर आयी है !! हार्दिक पटेल की कथित सेक्स सीडी उसका जीता जगता सबुत है !!
आज बीजेपी को गुजरात में विकास के नाम से बीजेपी को डर लगने लगा है कँही जनता उस 22 सालों का लेखा-जोखा न मांग बैठे !

चौथा सबुत : मोदी सरकार ने टाला संसद का शीतकालीन सत्र?
संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे हफ्ते में शुरू हो जाता है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस साल दिसंबर में गुजरात विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संसद का यह सत्र टाल दिया गया है. ऐसा केन्द्र सरकार और संसद सचिवालय में सूत्रों का दावा है.

हो सकता है  शीतकालीन सत्र का ऐलान गुजरात चुनावों में प्रचार थमने के बाद किया जाए.

पाँचवा सबुत-राहुल गाँधी के बदले तेवर 
अबकी बार गुजरात चुनावों में राहुल गाँधी के तेवर बदले -बदले नज़र आ रहे हैं उन्होंने अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार में झोंक दी है और उनकी सभाओ में जुटी  भीड़ को देखते हुए लग रहा है कि उन्हें गुजरात के लोगों का समर्थन भी मिल रहा है जिससे बीजेपी को नुकसान होने की सम्भावना है। अभी तक बीजेपी राहुल गाँधी का तोड़ निकालने में नाकामयाब रही है !!

छटा सबुत : मोदी सरकार ने रोका जीडीपी का ताजा आंकड़ा?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने रिसर्च में दावा कर चुकी है कि वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6 फीसदी से नीचे रहने के आसार हैं. चालू वित्त की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान जीडीपी आंकड़े तीन साल के न्यूनतम स्तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई थी. इस गिरावट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को पहले नोटबंदी का झटका और फिर 1 जुलाई से घरेलू कारोबार को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) का झटका दिया जाना जिम्मेदार है.

सातंवा सबुत : नोटबंदी और जीएसटी से व्यापारी नाराज !!
नोटबंदी और जीएसटी को लेकर गुजरात के व्यापारिओं में खासी नाराज़गी देखने को मिल रही है जिसके कारण बीजेपी बैकफुट पर नज़र आयी और जीएसटी की टैक्स दरों में कई बदलाव देखने को मिले

आठवाँ सबूत: फिल्म पद्मावती बनी विवाद ?
फिल्म देखने से पहले ही फिल्म पद्मावती पर इतना बड़ा विवाद बन गया. दरअसल माना जा रहा है कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच दर्शाए गए प्रेम पर देश भर से राजपूत परिवारों ने आपत्ति उठाई है. इन लोगों का मानना है कि फिल्म में इतिहास को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है. इन सब के बीच केन्द्र सरकार ने फिलहाल पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है

नौवां सबूत -आम आदमी पार्टी ना बिगाड़ दे खेल  बन जाये जी का जंजाल 
गुजरात में आम आदमी पार्टी भाजपा के लिए जी का जंजाल न बन जाये ,आम आदमी पार्टी ने देश के अन्य राज्यों में लड़े अपने सभी चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है कंही इस बार वो गुजरात में बीजेपी का खेल न बिगाड़ दे ,अभी तक आम आदमी पार्टी अपने 21 उमीदवार चुनाव मैदान में उतार चुकी है
18 दिसंबर को देखना होगा कि ऊंट किस करवट बैठेगा

बीजेपी को इन सभी कारणों का डर है इसलिए अभी तक बीजेपी बैकफुट पर नज़र आयी है !!
आपको बता दे कि गुजरात चुनाव दो चरणों में 9 और 14 दिसंबर को संपन्न होगा जिसके लिए वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी


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