बीएचयू गर्ल्स हॉस्टल के सामने लड़के करते थे हस्तमैथुन और अश्लील हरकतें -पूर्व छात्रा ने बताई आपबीती !

वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्राएं अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शन कर रही इन छात्राओं पर शनिवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। जिसके बाद छात्राओं में और ज्यादा आक्रोश फैल गया। ये छात्राएं वीसी से मिलने की मांग कर रही थीं। लेकिन वीसी ने प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं से मुलाकात नहीं की। ऐसे मौके पर बीएचयू की एक पूर्व छात्रा ने यूनिवर्सिटी का अपना अनुभव साझा किया है। medium.com नाम की वेबसाइट पर लिखे एक लेख में जयंतिका सोनी नाम की बीएचयू की पूर्व छात्रा ने लिखा है कि चार साल हमने भी ये घटनाएं झेली हैं, आज के माहौल को देखकर मेरा भी खून खोल गया कि अभी भी वहां कुछ नहीं बदला है।























पहले साल के अनुभव के बारे में सोनी ने लिखा है, ‘बीएचयू में फर्स्ट ईयर के दौरान मुझे निर्देश दिए गए कि हॉस्टल में 7 बजे से पहले पहुंचा जाना है। इसका खुद की सुरक्षा के लिए पालन करना है। एक दिन गर्मी की दोपहर में 3 बजे मैं मेरी एक दोस्त के साथ सेमी सर्केुलर रोड नंबर 5 के रास्ते स्विमिंग पुल से गांधी स्मृति महिला छात्रावास आ रही थी। तभी एक लड़का सफेद स्कूटर से आया और बिल्कुल हमारे सामने रुका।

जोधपुर में रामदेव का जबरदस्त विरोध, लगाए मोदी-रामदेव विरोधी नारे !


उसके बाद उसने हमारे सामने हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया। 17 साल की उम्र में यह मेरे लिए पहले मौका था कि मुझे यूनिवर्सिटी के अंदर यह सब कुछ देखने को मिला। मैं और मेरी दोस्त डर गए और वहां से भागने लगे। इसी साल मेरी एक दोस्त को विश्वकर्मा हॉस्टल के पास शाम को 5 बजे मोटरसाइकिल सवार दो लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। वे लोग महिला की छाती को छूकर हंस रहे थे और यह उनकी मर्दानगी थी। पहले साल ने यह सिखा दिया कि हमें सेमी सर्कुलर रोड़ नंबर-5 का इस्तेमाल नहीं करना है।’

 
साथ ही उन्होंने लिखा कि सैकेंड ईयर की छात्रों को हॉस्टल में 8 बजे से पहले पहुंचना था। हमने एक्स्ट्रा केरीकुलर एक्टिविटीज के लिए एक घंटा ज्यादा मांगा था, लेकिन हमें नहीं दिया गया, हमें बताया गया कि महिला महाविद्यालय में हॉस्टल 6 बजे से पहले पहुंचना होता है।

तीसरे साल के बारे में उन्होंने लिखा, ‘मैं एक दिन सुबह करीब 6-7 बजे सुबह की वॉक पर आईटीबीएचयू रोड़ पर निकली। वहां पर मेरी विश्वनाथ मंदिर से धनराजगिरी हॉस्टल तक एक स्कूटर से लड़के ने मेरा पीछा किया। मैं एक जूस की दुकान पर रुक गई, ताकि वह आगे निकल जाए। लेकिन उसने मेरा जीएसएमसी तक पीछा किया। मैंने उसके स्कूटर का नंबर नोट कर लिया था। जब मैंने इसके बारे में वार्डन और गार्ड से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि वह किसी यूनिवर्सिटी स्टाफ का रिश्तेदार है। इसके बाद मैं मेरे एक पुरुष दोस्त के साथ सुबह की वॉक पर जाने लगीं।’

बीएचयू के चौथे साल के अनुभव के बारे में सोनी ने लिखा, ‘मेरे हिसाब से यह सितंबर या अक्टूबर का महीना रहा होगा, जब एक दोस्त का साइकिल रिक्शा से अपहरण करने की कोशिश की गई। यह घटना जीएसएमसी हॉस्टल और विश्वेश्वरा के कोने पर हुई। प्रॉक्टर घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर ही होंगे, तब भी इन बदमाशों ने अपहरण करने की हिम्मत की। लेकिन उस लड़की के साथ बैठी उसकी एक दोस्त ने उसे कसकर पकड़ लिया। जिसके बाद बदमाश वहां से भाग गए। इसके बाद जीएसएमसी की छात्रों ने प्रदर्शन कर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। एक सप्ताह के प्रदर्शन के बाद हॉस्टल के सामने लाइटें लगाई गईं और ब्लॉक की एंट्री पर गश्ती शुरू की गई। हालांकि, वे लोग केवल साथ घूम रहे लड़के और लड़कियों को ही ढूंढ़ते थे। उनका बदमाशों पर कोई नियंत्रण नहीं था। यह पेट्रोलिंग भी दो सप्ताह बाद बंद हो गई। इसके बाद हमने फैसला किया कि अब हम लोग साइकिल रिक्शा की जगह ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करेंगे।’
आखिर में जयंतिका सोनी ने लिखा है कि यूनिवर्सिटी में कुछ नहीं बदला है। वहां आज भी वैसे ही हालात हैं, जैसे 10 साल पहले थे। आज भी वहां पर लड़कियां असुरक्षित हैं।
loading...

Comments

Search Here

Popular Posts

दिल्ली: बवाना विधान सीट पर आप की बड़ी जीत ,बीजेपी की हुई करारी हार

नरेन्द्र मोदी नहीं हैं असली मोदी : कांग्रेस की सबसे बड़ी साज़िश का हुआ पर्दाफ़ाश - #सनसनीखेज_खुलासा

26 जनवरी का संदेश

Railway RRB Assistant Loco Pilot, Technician Online Form 2018

NEET (UG) 2017 Answer Key (Code-wise), Paper with Answer, Paper with Solutions, and Paper Analysis