आप सभी को विजयदश्मी की हार्दिक शुभकामनाये

विजया दसमी के पावन पर्व पर हार्दिक बधाई हो।आइये इस महान पर्व की पावन वेला में विश्व से अज्ञान अभाव और अन्याय दूर करने का संकल्प लें ।

आदमी ही आदमी को छल रहा है,
ये क्रम आज से नही, बरसों से चल रहा है
रोज चौराहे पर होता है ” सीताहरण
जबकि मुद्दतों से ‘रावणजल रहा है…!!

चलो इस बार कुछ ऐसे दशहरा मनाते है
बस अपने अंदर से रावण को जलाते है ।
अंहकार ही थी उसकी सबसे बड़ी बुराई
चलो इस अंहकार को जलाकर आते है ।
आप सभी को विजयदशमी की बहुत बहुत बधाई हो।

इस बार पाकिस्तान रूपी रावण का दहन करने का भी संकल्प ले।

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