अन्ना हजारे ने कहा मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए कुछ नहीं किया,एक भी वादा पूरा नहीं किया ,करेंगे सत्याग्रह
भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली में राजघाट पर दिन भर की भूख हड़ताल पर बैठे। आज गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, हजारे ने कहा कि तीन साल बाद भी भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून पर अमल नहीं हो रहा हैं। जनता की सनद पर अमल नहीं हो रहा हैं। किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जा रहा हैं
देश आज गांधीजी की के दिखाए रास्ते से दूर जा रहा है। आज 2 अक्टूबर गांधी जयंती है। देश को आजादी प्राप्त होने के 70 साल हो चुके हैं, लेकिन भारत आज भी मुलभुत समस्याओं से घिरा हुआ है।
यही कारण है कि मैं आज दुखी हो कर आज महात्मा गांधीजी के चरणों पर व्यक्तिगत सत्याग्रह कर रहां हूं।'
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में, अन्ना हजारे ने दिनभर धरने के बाद एक नए आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है। हजारे ने आरोप लगाया है कि पिछले 3 वर्षों में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 30 पत्र लिखे थे, लेकिन उन्हें एक भी जवाब नहीं मिला। मैं प्रधानमंत्री मोदी के काम से संतुष्ट नहीं हूं और इसलिए भूख हड़ताल पर हूं। संभावना है कि हजारे हजारे लोकपाल लाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए एक आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र में, हजारे ने इसके लिए आंदोलन पर जाने की धमकी दी थी।
अन्ना ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ''सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक लोकपाल और लोकायुक्त बिल को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। इसकी बजाय भ्रष्टाचार विरोधी कानून को कमजोर करने के लिए जल्दबाजी में संशोधन कर पारित कर दिया।
जबकि पहले बिल में ये जरूरी था कि लोकपाल के दायरे में आने वाले सभी लोगों को अपने और अपनी फैमिली के एसेट्स डिक्लेयर करने होंगे। पिछले साल जुलाई में हुए संशोधन में फैमिली मेंबर्स को इस बिल से बाहर कर दिया गया।'' - ''पीएम ने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए कानून बनाने और उसे लागू करने में देरी की। जो इस बात की ओर इशारा करता है कि लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट लागू करने का आपका कोई इरादा नहीं है। आप भ्रष्टाचार मुक्त भारत नहीं बनाना चाहते हैं। मौजूदा हालात में लगता है कि देश में भ्रष्टाचार खत्म करने और कारगर लोकतंत्र के लिए एक मजबूत सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए। मैं इससे बहुत परेशान हूं। गांधीजी की जयंती पर श्रद्धांजलि देकर उनके दिखाए रास्ते पर सत्याग्रह की शुरुआत करुंगा।'' विदेश से 30 दिन में कालाधन लाने का क्या हुआ?.
- अन्ना ने आगे कहा, ''मोदी और बीजेपी ने आम आदमी से किसानों की आत्महत्या रोकने, खाद-बीज के सही दाम, महिला सुरक्षा और समाज की सभी तरह की परेशानियां दूर करने का वादा किया था। ये भी कहा था कि सरकार बनते ही 30 दिन के भीतर विदेश से कालाधन लेकर आएंगे। लेकिन आज तक लोकपाल-लोकायुक्त तैनात नहीं हुए। विदेश से कालाधन लाने की बात तो दूर, नोटबंदी के बाद भी देश में छिपा कालाधन तक बाहर नहीं आ पाया।'' - ''देश में किसानों की आत्महत्याओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्हें खाद-बीज के लिए महंगी कीमत चुकानी पड़ रही है। स्वामीनाथन की रिपोर्ट पर भी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। महिलाएं सुरक्षित नहीं है, उन्हें वो सम्मान और इंसाफ नहीं मिल रहा, जिसकी वो हकदार हैं। भ्रष्टाचार भी दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।''
देश आज गांधीजी की के दिखाए रास्ते से दूर जा रहा है। आज 2 अक्टूबर गांधी जयंती है। देश को आजादी प्राप्त होने के 70 साल हो चुके हैं, लेकिन भारत आज भी मुलभुत समस्याओं से घिरा हुआ है।
यही कारण है कि मैं आज दुखी हो कर आज महात्मा गांधीजी के चरणों पर व्यक्तिगत सत्याग्रह कर रहां हूं।'
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में, अन्ना हजारे ने दिनभर धरने के बाद एक नए आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है। हजारे ने आरोप लगाया है कि पिछले 3 वर्षों में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 30 पत्र लिखे थे, लेकिन उन्हें एक भी जवाब नहीं मिला। मैं प्रधानमंत्री मोदी के काम से संतुष्ट नहीं हूं और इसलिए भूख हड़ताल पर हूं। संभावना है कि हजारे हजारे लोकपाल लाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए एक आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र में, हजारे ने इसके लिए आंदोलन पर जाने की धमकी दी थी।
अन्ना ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ''सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक लोकपाल और लोकायुक्त बिल को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। इसकी बजाय भ्रष्टाचार विरोधी कानून को कमजोर करने के लिए जल्दबाजी में संशोधन कर पारित कर दिया।
जबकि पहले बिल में ये जरूरी था कि लोकपाल के दायरे में आने वाले सभी लोगों को अपने और अपनी फैमिली के एसेट्स डिक्लेयर करने होंगे। पिछले साल जुलाई में हुए संशोधन में फैमिली मेंबर्स को इस बिल से बाहर कर दिया गया।'' - ''पीएम ने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए कानून बनाने और उसे लागू करने में देरी की। जो इस बात की ओर इशारा करता है कि लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट लागू करने का आपका कोई इरादा नहीं है। आप भ्रष्टाचार मुक्त भारत नहीं बनाना चाहते हैं। मौजूदा हालात में लगता है कि देश में भ्रष्टाचार खत्म करने और कारगर लोकतंत्र के लिए एक मजबूत सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए। मैं इससे बहुत परेशान हूं। गांधीजी की जयंती पर श्रद्धांजलि देकर उनके दिखाए रास्ते पर सत्याग्रह की शुरुआत करुंगा।'' विदेश से 30 दिन में कालाधन लाने का क्या हुआ?.
- अन्ना ने आगे कहा, ''मोदी और बीजेपी ने आम आदमी से किसानों की आत्महत्या रोकने, खाद-बीज के सही दाम, महिला सुरक्षा और समाज की सभी तरह की परेशानियां दूर करने का वादा किया था। ये भी कहा था कि सरकार बनते ही 30 दिन के भीतर विदेश से कालाधन लेकर आएंगे। लेकिन आज तक लोकपाल-लोकायुक्त तैनात नहीं हुए। विदेश से कालाधन लाने की बात तो दूर, नोटबंदी के बाद भी देश में छिपा कालाधन तक बाहर नहीं आ पाया।'' - ''देश में किसानों की आत्महत्याओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्हें खाद-बीज के लिए महंगी कीमत चुकानी पड़ रही है। स्वामीनाथन की रिपोर्ट पर भी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। महिलाएं सुरक्षित नहीं है, उन्हें वो सम्मान और इंसाफ नहीं मिल रहा, जिसकी वो हकदार हैं। भ्रष्टाचार भी दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।''
loading...


Anna chor ha Modi ka halal ha
ReplyDelete