सहारा समय ने किया पर्दाफाश, ईवीएम मशीनों से किस तरह डाले जा सकते है एकतरफा वोट

उत्तर प्रदेश में बीजेपी चुनाव जीतने के बाद पूरे देश में खलबली मचाकर रख दी है। क्योंकि मोदी जी ने नोटबंदी की थी तब देश की जनता ने यह सोचकर रखा हुआ था कि, अबकी बार मुझे नोट बदलने का नहीं बल्कि चुनाव का इंतजार है ताकि मोदी और उसकी पार्टी को सबक सिखाया जा सके। लेकिन जिस तरह से मामले सामने आ रहे है ईवीएम मशीनों को लेकर वह हैरान कर देने वाले है। ऐसे कितने ही विडियो वायरल हो चुके है जिनमें देखा गया कि, किस तरह से ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
पिछले विडियो में हमने देखा कि, ईवीएम मशीनों से आसानी के साथ देश की जनता के साथ धोखा किया जा सकता है और छलकपट के द्वारा चुनाव जीता जा सकता है। ईवीएम मशीनों को लेकर पूरे देशभर में आवाजे उठाई जा रही है लेकिन सवाल ये है कि, क्या वाकई चुनाव आयोग इस पर ध्यान देगा या फिर हमेशा की तरह ऐसे ही इस मामले को टाल दिया जायेगा, जैसे कि, हर मामले हमारे देश में टाले जाते आ रहे है। ईवीएम मशीनों को लेकर देशभर में नाराजगी देखी जा सकती है। इसके अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इसका जिक्र करते हुए बताया था कि, ईवीएम मशीनों के साथ आसानी से छेड़खानी करके चुनाव जीते जा सकते है।
मायावती ने बताया कि, हैरानी की बात तो यह है कि, उत्तर प्रदेश के देवबंद जहाँ पर सबसे ज्यादा मुस्लिम और दलितों की आबादी है वहां पर भी बीजेपी का चुनाव जीतना शक के दायरे में लेकर आता है। लेकिन अभी सत्ता में भारतीय जनता पार्टी है इसलिए कोई ध्यान देने वाला भी नहीं है और विपक्ष में भी कोई ऐसा दमदार नेता नहीं है जो इसके खिलाफ आवाज उठा सके। क्योंकि नोटबंदी के समय भी ऐसा ही हुआ था कि, कोई भी विपक्ष में दमदार नेता नहीं था जो इस तरह की तबाही के ऊपर सवाल खड़ा कर सके। नोटबंदी के कारण सैंकड़ों जाने चली गई थी और ऐसे हालात में इस तरह का बीजेपी का जीतना शक के दायरे में लाता है। ऐसी ही बात मायावती ने भी कही है कि, बीजेपी का इतनी ज्यादा सीटों से जीतना यह बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है।

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