3 साल भारत हुआ बेहाल -देश के सभी अहम् मुद्दों पर मोदी सरकार रही विफल -जानिए 2014 से पहले किये वादों की हकीकत
अगर 3 साल का मोदी सरकार का लेखा जोखा किया जाये तो अभी तक सभी मुद्दों पर सरकार विफल रही है सरकार में आने के लिए चुनावों से पहले जो जो वादे देश की जनता को किये थे उन सब पर मोदी सरकार विफल रही है देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है ,शिक्षा का बुरा हाल है ,देश के जवानो और किसानो को अपने हक़ के लिए लड़ना पड़ रहा है ,
सीमा पर जवान सुरक्षित नहीं है ,कश्मीर में आग लगी पड़ी है
मोदी सरकार के सारे वादे आज तीन साल बाद भी वादे ही नज़र आ रहे हैं
न महंगाई कम हुई , न भ्रस्टाचार कम हुआ।
न नक्सली हमले रुके , न पाकिस्तान का कुछ हुआ
न नौकरियाँ मिली , न कारोबार बढ़ा
न भारत स्वच्छ हुआ न गन्दी राजनीती ख़त्म हुई
चुनावो से पहले किये गए वादों में और आज की हकीकत में अंतर देखे सभी मुद्दे निचे हैं खुद सोचे कि इन सभी मुद्दों पर आज हमारी सरकार कँहा खड़ी है
1. सांसद आदर्श गाँव
2. महिला सुरक्षा का वादा,
3. पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई,
4. चीन को जवाब,
5. आधार कार्ड पर सरकार का बदला रुख,
6. आदर्श ग्राम योजना,
7. जीएसटी पर सरकार का रवैया,
8. बेरोजगारी,
9. किसानों की आत्महत्या
10. फसल बीमा योजना
11. न्यूतम समर्थन मूल्य का झूठ
12. गुलाबी क्रांति
13. मेक इन इंडिया
14. स्किल इंडिया
15. स्मार्ट सिटी
16. पाकिस्तान और चाइना नीति के साथ साथ पूरी की पूरी विदेश नीति असफल रही
17. नोटबन्दी
18. कश्मीर समस्या का हल
16. पाकिस्तान और चाइना नीति के साथ साथ पूरी की पूरी विदेश नीति असफल रही
17. नोटबन्दी
18. कश्मीर समस्या का हल
19. धारा 370
20. नक्सलवाद
21. सीमा और सैनिक सुरक्षा सब में असफल रही मोदी सरकार
22. महंगाई
23. न्यूतम मजदूरी
21. सीमा और सैनिक सुरक्षा सब में असफल रही मोदी सरकार
22. महंगाई
23. न्यूतम मजदूरी
24. स्वदेशी और एफडीआई (FDI) सब में भ्रमित रही सरकार
25. स्वच्छता अभियान
26. राम मंदिर
27. बुलेट ट्रैन
28. रेलवे का कायाकल्प
29. स्वास्थ्य
30. शिक्षा का कोई ब्ल्यू प्रिंट नही है
29. स्वास्थ्य
30. शिक्षा का कोई ब्ल्यू प्रिंट नही है
31. 15-15 लाख
32. भ्रस्टाचार
33. जीडीपी ग्रोथ
ऐसा लगता है जैसे किसी भी समस्या का कोई हल नही मोदी के पास।
मोदी अविश्वास के भय से भयाक्रांत है, इसी अविश्वास के कारण 3 साल में रक्षा मंत्री नही ढूंढ पाये, शाह और जेटली के हिंडोले में झूलती सरकार अब ऐसे अंधड़ में फंसी है
जहाँ मोदी से केवल हताशा और निराशा ही हाथ लगी है।


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