सरहद पर खड़े सिपाहियों का दर्द -प्लीज शेयर तो आल।
सरहद पर खड़ा सिपाही
शराबी है हमने मान लिया
अनुशासनहीन है यह भी मान लिया
लेकिन यह तो बता दो वो दाल
और जला हुआ पराँठा भी क्या झूठा था ??
शराबी है हमने मान लिया
अनुशासनहीन है यह भी मान लिया
लेकिन यह तो बता दो वो दाल
और जला हुआ पराँठा भी क्या झूठा था ??
जवान का रिकॉर्ड ख़राब है या नहीं, मुद्दा ये नहीं है।
सवाल ये है कि ऐसी दाल और रोटी क्या बडे अधिकारी, गृहमंत्री, प्रधानमंत्री रोज खा सकते हैं?
तुम अपने घरों में मटर पनीर,बिरयानी खा कर चैन से सो सकें इसके लिए कोई बॉर्डर पर सुखी रोटी,सादी दाल खाता है और गोली भी
वाह क्या सरकार है?
सरहद पर खड़े जवान पर वोट दिखाई दिए मगर भूख नही!
उस जवान का मोबाइल दिखाई दे गया मगर दर्द नही!!
अपने कार्यकाल में गोल्ड मैडलिस्ट 16-16 अवार्ड लेने वाला एक BSF का बहादुर जवान
सच बोलने पर
भ्रष्ट अधिकारियों के नज़र में अचानक शराबी, बदतमीज और आदतन अनुशासनहीन हो गया।
फिर अवार्ड उसे शराब पीने और बदतमीजी करने के लिए मिला है??
जिनके करोड़ो का बकाया!!
उनके लोन पर ब्याज भी नही!!
जो बर्फ के पहरेदार
उनके दाल मे प्याज भी नही!
जो किताबो मे पढा!!
वो मुल्क आज भी नहीं
उनके लोन पर ब्याज भी नही!!
जो बर्फ के पहरेदार
उनके दाल मे प्याज भी नही!
जो किताबो मे पढा!!
वो मुल्क आज भी नहीं
वाह क्या नियम है?
कमाल है ! एक जवान ने सुखी रोटी और हल्दी, नमक और पानी की दाल दिखा दी तो अनुशासनहीनता और गृहमंत्री और अफसर शोसल मिडिया पर सफाई दे तो ठीक!!

Comments
Post a Comment